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كلمتين وقلب : القتل اللذيذ

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بقلم : سماح المحمدى

 

–    شاهدت  من  فتره  فيلم  بعنوان القتل   اللذيذ   يتناول   كيف   تقتل المخدرات شبابنا ……لكني.   عندما رجعت   بتفكيري   وجدت  أن  هناك ما هو  أخطر  من  المخدرات   تقتلنا وتنتشر  بيننا  وهي أننا  أمام بحيره من  الشائعات …..اقول  انها   بحيره وليس  طوفان  لانها  قابله  لانحسار … لكن   بدايه   هذه    الظاهره   أننا أصبحنا مرضي  لبعض الوسائل التى قد نتوهم أننا  لا نستطيع  أن نعيش من  غيرها  وهي   وسائل   التواصل الاجتماعي … كل   هذه   التطبيقات ظاهرها مثير ياخذك  لعالم افتراضي تتكلم  وتسمع  وتصدق     ….  تغذو تفكيرك  علي  مراحل  حتي   تدمنها وتصبح غير قادر علي  التواصل  مع الغير  الا عن  طريقها …..  هل  تعلم انك  تباع  كل  لحظه  لهذه   المواقع عندما تشاهدها وتبدي اعجابك بها .. دعني  اقول  لك  أنها إحدى  وسائل حروب الجيل الرابع التى تعتمد علي غزة العقول عن طريق ترسيخ لبعض الأفكار  ….. التى    تدمر    المباديء والقيم    والرموز    بمجتمعنا   حتي اعتقد  البعض  أنها  مربحه  لينشىء صفحات ومواقع   علي   الانترنت .. ينشر فيها ما يريد دون  أن  يفكر أن ما ينشره   كله  سموم  تصيب  الغير ….هكذا   وصلنا . ….   دعنا   نتذكر مشهد  الراحل  توفيق  الذقن  بفيلم مراتي مدير عام  يتطوع   بمعلومات مغلوطه  عن المدير القادم ….. وهذا الفيلم أنتج في فتره  الستينات…اي منذ   أكثر   من  ستين  عاما … لهذا نفكر بعقول  غيرنا  ونحكم  باعينهم ونصم آذاننا …..هل تعلم أن الشائعه لن تنتشر الا بعقول فارغه ….لان من يطلقها  خبيث   ومن  يرددها  احمق ومن  يصدقها  غبي . .. … كم    من شائعات.   دمرت.   علاقات    كثيره واغتالت أسرا !! …..اليوم  مع وجود وسائل التواصل الاجتماعي .. اصبح الكل مباح وسهل الانتشار ….للاسف تبدأ الاكذوبه …..وتتطور كالفيروس المتحور……الي   أن   تصبح   خليه سرطانيه     تحتاج    لعلاج   جذري ……لماذا   نصبح   مسارات  لانتقال الأكاذيب …..هل   لاننا   توقفنا  عن التفكير .

دعنا نرجع لحادثه الافك……وغيرها من   الأحداث    التي   رفضتها   كل الأديان  السماوية  وهي   الكذب …. دعنا     نخرج     من     هذا    العالم الافتراضي    …..    ونعيش   حياتنا اصحاء نفكر  قبل أن  نخطو بأفكارنا لحافه الهويه …..عندما  تسمع  شيئا دون إرادتك …..لا تنقله لانك لا تعلم فحواه…..وعندما   تسمعه   بارادتك فإنك  شاركت  في  نشره  حتي بين خلايا عقلك ……ارفض كل ما تسمع …..لا وقت للاشاعات ….مصر اليوم بثوب  جديد  تبهر العالم  كله …..لها قياده سياسيه  حره قويه  لا تخضع لأحد   ……  فكن  معها  بقلبك   قبل عقلك .

حقا أن البدايه منك …..احترم وقدر مجهود غيرك…..لا تتنمر  لمجرد انك ترفض  الأفكار  …..  فكم  من أفكار كانت غريبه  وأصبحت واقع  نعيش داخله  مثل هذا  السم  الذي  يصيب بعضنا   وهو   الرضوخ   التام   لتلك التطبيقات   ….  التي  تبدأ   وتنتشر بسرعه   وعندما   تبحث   عنها  تجد آلاف  المصادر  المزيفه   تدعم   تلك الاشاعات   ……  تأمل    بحياتك  لا تضيعها  بين   تصفح   تلك   المواقع والتطبيقات  التي   تقتلك   دون  أن تدري ….. الله  فضل  الإنسان بنعمه العقل   …..  فارجع    لهويتك    ايها الانسان …..حياتك   تبدأ  بالشكر لله على نعمه الحياه اولا ثم  علي كل ما حولك ….. صدقني    مهما    شعرت بالضيق …..ستجد دوما  رسائل الله امامك …..  ابعد  عن  كل  مايسيطر علي   تفكيرك  …..   وارجع   لأبسط الاشياء ..جريده واغنيه …… واغلق هاتفك   …….  وعش   اللحظه    مع أسرتك …..لا تجعل   غيرك    ياخذك منهم   ……   قدر    اختلاف   غيرك …..فليس   الكل    سواء …..  ولهذا نعيش معا علي كوكب  واحد  ونحن شعوب  وثقافات  مختلفه لكننا نجد وسيله لنتواصل بها  برقي وباحترام لغيرنا …….مصر  اليوم  قائده يسير خلفها الجميع …….حقا  مصر مقبره الغزاه ……تحيا مصر ويحيا رئيسها.

 

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